आज हर एक टैलेंट सुशांत है और उसकी भी यही कहानी है
ठेकेदारों ने इस शहर में कतल करवा दिया
शारेआं एक टैलेंट को फांसी पे चढ़ा दिया
वो खुद को पाक कहते है
उन्हें क्या पता उन्होंने पूरे देश को रुला दिया
कुचलते है गरीब को
उसे छिपाने के लिए खुद को दानवीर बनाते है
ये नकाब ओढ़ कर जीते है जनाब
कितना बड़ा गुनाह किया ये खुद को भी नहीं बतलाते है
काफी पे चर्चा के पीछे
ये टैलेंट का बहिष्कार करते है
आज हर एक टैलेंट सुशांत है
और उसकी भी यही कहानी है
मुझे थोड़ा काम चाइए बोला था
लोगो के दिल में मैंने जगह बनानी है
वो उसके टैलेंट को समझ नहीं पाए
और बोल दिया यह कोन तुच्छ प्राणी है
आज हर एक टैलेंट सुशांत हूं
और उसकी भी यही कहानी है
ये पर्दे के पीछे नेपोटिज्म का धंधा चलाते है
खुद को इंडस्ट्री का माफिया बनाते है
इक हिरण को मार ये फिर छूट जाते है
और टैलेंट के चले जाने के बाद ये गड़ीयाली आंसू बहाते है
बस यही बात बतानी है
आज हर एक टैलेंट सुशांत है
और उसकी भी यही कहानी है
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