Balbir Singh Sr.

                                                   
  यह लेख 1924 में जन्में हॉकी खिलाड़ी के बारे में है 



बलबीर सिंह दोसांझ -- 
                                         कहते है की जब किसी से आपको प्यार और लगन होती है तो फिर दुनिया की हर चीज़ छोटी लगने लग जाती है और जब मोहबत खेल से हो तो देश से प्यार होना लाजमी है |
इनका जन्म 10 oct 1924 हरिपुर, पंजाब में हुआ,इनके पिता एक freedom fighter थे |
 इनका विवाह 1946  हुआ , इनकी पत्नी का नाम सुशील था| इनको बलबीर सिंह सीनियर  इसीलिए कहा जाता था,ताकि हॉकी के बलबीर सिंह  नामक दूसरे खिलाड़ियों से भ्र्म न हो  क्यूंकि उस समय हॉकी टीम में तीन और बलबीर थे सीनियर जी को एक महान हॉकी खिलाड़ी के तौर पर जाना जाता है 
इनको विश्व की best center forward  में गिने जाते थे|सीनियर जी   एक ओलंपिक पुरुष हॉकी फाइनल में किसी व्यक्ति द्वारा बनाये गए अधिकांश गोलों के लिए इनका ओलंपिक रिकॉड अजेय है|सीनियर जी लगातार तीन बार  गोल्ड मेडल विजेता है इन्होंने मशहूर हॉकी प्लेयर मेजर ध्यानचंद  सिंह  के सारे रिकॉर्ड  तोड़ डाले  सीनियर जी का नाम गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड  रिकॉर्ड में नाम दर्ज है|



1948 से 1956 -- 

  • 1948 में ओलंपिक गोल्ड में हैट्रिक लगाई  1948 में लन्दन ओलंपिक में सिंह की पह;पहली उपस्थिति भारत  मैच अर्जेंटीना के खिलाफ मैच में थी इसके बाद वह ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ फाइनल में खेले सिंह ने पहले दो गोल किये और भारत ने 4 -0  से जीत हासिल की|
  • सिंह जी 1952 में ओलंपिक टीम के उप -कप्तान थे उस समय कप्तान केडी सिंह थे,इन्होंने 1952 में ओलंपिक सेमीफइनल में ब्रिटेन के खिलाफ हैट्रिक बनाई जिसे भारत ने 3 -1 से जीता 1952 में इन्होंने ओलंपिक फाइनल में 5 गोल करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया यह रिकॉर्ड नीदरलैंड के खिलाफ बनाया जिसे भारत ने 6 -1 से जीता सिंह ने हेलसिंकी ओलम्पिक में भारत के कुल 13 गोलो में से नौ गोल किये |
  • मेलबोर्न ओलंपिक 1956 में ओलम्पिक टीम के कप्तान रहे इन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ  पहले मैच में 5 गोल किये लेकिन बाद में वे चोटिल हो गए फिर बाद में रणधीर सिंह कोमल ने ग्रुप  के बाकी मैचों  की कप्तानी की सिंह को ग्रुप मैचों  को छोड़ना पड़ा , बाद में वे सेमीफइनल और फाइनल में खेले फाइनल मैच भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 1 -0  से जीता  सिंह ने कुल 8 ओलंपिक मैचों में सिंह ने अपने देश के लिए 22 गोल किये |
पुरस्कार और उपलब्धियाँ --
  • 1957 में पदमश्री अवॉर्ड पाने वाले पहले भारतीय खिलाडी बने |
  • 1958 में उन्हें और गुरदेव सिंह को डोमिनिक रिपब्लिक द्वारा मेलबोर्न ओलंपिक की याद में जारी एक डाक टिकट पर चित्रित किया गया |
  • 1975 में वर्ल्ड कप  जीतने वाली भारतीय टीम के चीफ कोच रहे |
  • 1971 में वर्ल्ड कप कांस्य पदक विजेता टीम के कोच रहे |
  • वर्ष 2006 में उन्हें सर्वश्रेष्ट सिख हॉकी खिलाडी का ख़िताब दिया गया |
  • पंजाब पुलिस में DSP पद पर भी काम किया |
  • 2015   में इन्हे  हॉकी इंडिया के मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया |
बुक --  
  • उन्होंने दो पुस्तकें लिखी उनकी आत्मकथा द गोल्डन हैट्रिक   1977 |
  • द गोल्डन यार्डस्टिक : इन कवरेस्ट ऑफ हॉकी एक्सीलेंस  2008 |
निधन:-
             
 बलबीर सिंह सीनियर का  96 वर्ष   की उम्र में 25 मई 2020   को चंडीगढ़ में निधन हो गया |

 






 

                                     

Comments

Popular posts from this blog

इक मुलाकात

Black Lives Matter....

International Everest day..